
सनातन धर्म को अपनाने से होगा कलियुग का अंत – देवराहाशिवनाथ

आरा। श्रीरामनवमी शोभायात्रा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष त्रिकालदर्शी परमसिद्ध संत श्री देवराहा शिवनाथदासजी महाराज के सान्निध्य में आज सम्भावना उच्च विद्यालय मंझौवा झांकी सदस्य सम्मान समारोह एवं प्रीतिभोज का आयोजन किया गया। वहीं सम्मान समारोह के पूर्व रामभक्तों को संबोधित करते हुए संत श्री ने कहा कि एक दिन रामनवमी मनाने से हमलोग रामभक्त नहीं कहा सकते। भगवान राम सबके है और सभी भगवान राम के। राम व्यापक ब्रह्म है।जब तक हमलोग राम को अपने हृदय में धारण नहीं करेंगे तब तक रामराज्य की कल्पना करना केवल बेईमानी होगी। संतश्री ने आगे कहा कि कलियुग का अंत तभी होगा जब हमलोग पूर्णरूपेण सनातन धर्म को अपना लेंगे। वहीं रामलीला समिति की अध्यक्षा अर्चना सिंह ने कहा कि नित्य प्रति सभी को श्रीरामचरितमानस का अध्ययन करना चाहिए, जिससे कि हमलोगों को यह ज्ञान होगा कि हमारा रहन-सहन और खान-पान विशुद्ध होगा।आज लोग विदेशों में हमारे भारतीय संस्कृति को अपना रहे हैं और हम भारतीय पाश्चात्य संस्कृति को अपना कर अपने दुख को स्वत: निमंत्रित कर रहे हैं। रामलीला समिति की अध्यक्षा ने आगे कहा कि हमारे देश में आज आधुनिक बनने के लिए लोग फटे हुए वस्त्र को धारण कर रहे हैं और विदेशी लोग हमारे वस्त्रों को धारण कर अपने को गौरवान्वित महसूस करते हैं। मैं अपने देश की सभी माता बहनों से अपील करती हूं कि अपने देश की सभ्यता और संस्कृति को अपनाएं। वहीं समिति के महासचिव शंभू प्रसाद चौरसिया ने कहा कि इतिहास में पहली बार हमलोग पूरे जिले के विभिन्न प्रखंडों में निकलने वाली श्रीरामनवमी शोभायात्रा के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष को श्रीरामनवमी शोभायात्रा समिति भोजपुर के द्वारा सम्मानित किया जा रहा है।यह पल हमलोगों के लिए ऐतिहासिक और यादगार होगा। वहीं श्रीरामनवमी के झांकी प्रमुख शंभू सिंह ने कहा कि कुछ कारणवश श्रीरामनवमी शोभायात्रा समिति शोभायात्रा में शामिल झांकियों को सम्मानित नहीं कर पाये थे। इसके लिए हमें खेद है। वहीं इस दौरान संभावना स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार द्विजेंद्र, एसके सिंह, विश्व हिन्दू परिषद के दक्षिण बिहार के प्रांतीय अध्यक्ष रामबालक प्रसाद, श्रीरामनवमी शोभायात्रा समिति के महासचिव शंभू प्रसाद चौरसिया, कोषाध्यक्ष गोकुल सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुरक्षा प्रमुख राजेश्वर पासवान, राजेंद्र सिंह, नवीन सिंह, हर्ष राज मंगलम, बादल जालान, सचिव सुधीर कुमार, सन्नी पांडेय, हरिओमज, अखंडानंद, मेजर राणा प्रताप सिंह, सहित समिति के सभी सदस्य मौजूद थे।


